आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।
दुनिया की बातों से लेकर दुनियादारी की बातें। खबरें और रोचक जानकारियां और कभी-कभी चिंतन
Thursday, April 30, 2020
वो मस्तमौला अंदाज और मासूम चेहरा........ आप हमेशा दिलों में रहेंगे चिंटू सर
आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।
Tuesday, April 21, 2020
देश की कोरोना वायरस से जंगः घर में लॉकडाउन का एक माह पूरा
दरअसल, कोरोना के खिलाफ जंग की शरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि देशवासी 22 मार्च को रात नौ बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करे। इसे उन्होंने जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता का कर्फ्यू का नाम दिया था। उन्होंने शाम पांच बजे लोगों से कोरोना योद्धाओं के उत्साहवर्धन के लिए ताली, थाली बजाने की अपील भी की थी।
22 मार्च को जनता कर्फ्यू का पालन किया और घर से नहीं निकला, 23 तारीख भी बीती पर ये क्या 24 को प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन ने जैसे मन में पनप रही आशंका को सही साबित कर दिया। रात बारह बजे से 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान हो गया। यानि 25 मार्च से अगले 21 दिन तक जो जहां है, वहीं रहे।
प्रधानमंत्री केे राष्ट्र के नाम संबोधन तो कई हुए,लेकिन बेहद कठोर निर्णय वाला यह दूसरा माना जा सकता है। इससे पहला था नोटबंदी का। यह भी गजब इत्तफाक है कि जहां नोटबंदी के दिन भी अपनी दफ्तर से छुट्टी थी, वहीं लॉकडाउन का ऐलान भी हमने साप्ताहिक अवकाश होने के चलते घर पर ही बैठकर सुना।
देश अगले 21 दिनों के लिए लॉकडाउन हो चुका था और हम इसी चुनौतियों को लेकर चिंताओं में घिर चुके थे। इन्हीं में सबसे पहली थी, काम कैसेे होगा। हालांकि दफ्तर इस चुनौती को पहले ही भांप चुका था और होली 10 मार्च के बाद से इसकी तैयारियां होने लगी थी, सभी लोगों ने घर से काम करने की तैयारियां करने को लेकर अपने-अपने लैपटॉप, डेस्कटॉप को अपडेट कराना शुरू कर लिया था। संपादक जी ने सभी को इसके लिए प्रेरित किया और लगभग हर साथी आपात स्थिति में घर से काम करने को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर चुका था। सब मोर्चे पर आ डटे और उनके साथ हम भी। 25 मार्च से विधिवत तौर पर घर से काम करना शुरू किया जो आज तक अनवरत जारी है.......
Sunday, August 6, 2017
फिल्मसमीक्षा- हिंदी मीडियमः बच्चों का एडमिशन बच्चों का खेल नहीं
Thursday, May 4, 2017
सलमान की ट्यूबलाइट चमकी
Monday, May 1, 2017
अंडे पर ही होगी उसकी पूरी जन्मकुंडली
अंडे पर ही होगी उसकी पूरी जन्मकुंडली
पहले मुर्गी आई या अंडा इस सवाल का जवाब आज तक अच्छे-अच्छे तुरर्मखां भी नहीं दे सके। कोई कहता है कि पहले अंडा आया और इससे मर्गी जन्मी, लेकिन अंडा दिया किसने ? जाहिर है पहले मुर्गी आई। पीढी-दर-पीढी मथ रहे इस सवाल पर अब ज्यादा दिमाग खपाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अंडा कब आया यह जानना आपके लिए चुटकी बजाने जितना आसान हो जाएगा।
दरअसल सरकार जल्द ही ऐसी व्यवस्था करने जा रही है जिससे अंडा अपनी पूरी जानकारी खुद ग्राहक को देगा। जैसे कब उसका जन्म हुआ और उसकी पौष्टिकता कितनी है। अंडों की गुणवत्ता को लेकर आ रही शिकायतों के मद्देनजर सरकार जल्द यह कदम उठाने जा रही है। इसके तहत अब अंडे पर मुहर लगेगी, जिसमें उसके जन्म की तारीख लिखी होगी। अंडा कितना सेहतमंद है यह भी आपको आसानी से पता चल जाएगा। सरकार इसके लिए एक निशान बनाएगी। आर्गेनिक का यह निशान इस बात की गारंटी होगा कि सेहतमंद मुर्गी ने ही यह अंडा दिया है। अंडा देने वाली मुर्गी को सिर्फ जैविक दाना ही दिया गया है, इसके लिए भी यह निशान होगा। दरअसल पोल्ट्री फार्म ज्यादा उत्पादन के लालच में मुर्गियों को एंटीबायोटिक देते हैं। इससे उनकी सेहत पर तो असर पड़ता ही है अंडों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। अंडों में एंटीबायोटिक, एफलाटाक्सिन और माइक्रोएब्स मिलने के बाद ही सरकार अंडों की गुणवत्ता के मानक तय करने की दिशा में सक्रिय हुई है। माइक्रोएब्स कई बीमारियों जैसे फ्लू और खसरे का कारण बनते हैं। एफलाटाक्सिन बैहद विषैले होते हैं और कैंसर को जन्म देते हैं। देश में वर्ष 2017 में करीब 55.11 बिलियन अंडों का उत्पादन हुआ। कुल उत्पादन में पोल्ट्री फार्म की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत है।
Friday, April 28, 2017
सियामी से रनवीर तक कई को कास्टिंग काउच का शिकार बनाने की कोशिश
![]() |
| रनवीर सिंह के साथ सियामी |
फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर की हत्या की साजिश में तीन साल कैद की सजा पाने वाली मॉडल प्रीति जैन यौन शोषण का आरोप लगा फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच का तूफान ला चुकी हैं। प्रीति ने मधुर पर 2004 में बलात्कार का आरोप लगाया था, जो कोर्ट में साबित नहीं हो सका। लेकिन इसने चमचमाते बॉलीवुड की कास्टिंग काउच की गंदगी को सतह पर ला दिया था। वैसे यह पहली बार नहीं था। इससे पहले भी बॉलीवुड में काम के एवज में सेक्सुअल फेवर मांगने वालों के जब तक किस्से सामने आते ही रहते थे। कुछ अभिनेता और अभिनेत्रियों ने खुलकर तो कुछ ने दबी जबान में ऐसे सेक्सुअल फेवर के प्रस्ताव मिलने की बात भी मानी। इनमें सबसे नया नाम है फिल्म मिर्जिया से बॉलीवुड में दस्तक देने वाली अभिनेत्री सियामी खेर। सियामी ने कहा कि अपने संघर्ष के दिनों में वह ऑडिशन देने के लिए घंटों लाइनों में लगती थी। अपनी बारी के इंतजार के दौरान उनका पाला कई बार ओछी मानसिकता वाले डायरेक्टरों से पड़ा। 16 साल की उम्र से मॉडलिंग कर रही सियामी ने कहा कि शुक्र है पहला फिल्मी ब्रेक मिलने से पहले ही मैने इंड्रस्ट्री का यह स्याह रूप भी देख लिया।
अभिनेत्री कंगना रनौत, टिस्का चोपड़ा, सुरवीन चावला भी कास्टिंग काउच को लेकर खुलासा कर चुकी है। अभिनेता रनवीर सिंह, आयुषमान खुराना, प्रियांशु चटर्जी ने भी कई मौकों पर बातचीत के दौरान ऐसे ओछे प्रस्ताव मिलने का खुलासा किया है। फिल्म इंड्रस्ट्री की क्वी ‘क्वीन’ कंगना ने बताया था कि एक बार उनसे यौन सुख संतुष्टि का प्रस्ताव दिया गया था। कंगना ने कोई समझौता करने के बजाय प्रस्ताव को खारिज कर दिया। अभिनेत्री सुरवीन चावला भी दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम के दौरान कास्टिंग काउच का शिकार होने से बची। सुरलीन ने कहा कि मैने ऐसा प्रस्ताव स्वीकार करने के बजाय अपनी प्रतिभा और मेहनत के बूते काम हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की। आमिर खान, प्रकाश झा, नागेश कुकनूर समेत कई दिग्गजों के साथ काम कर चुकीं और विभिन्न भाषाओं में 45 से ज्यादा फिल्मे करने वाली अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा ने भी कहा था कि ऐसे प्रस्ताव मिलते हैं। लेकिन आपको काम पर भरोसा करते हुए इन्हें सख्ती के साथ खारिज कर देना चाहिए।
![]() |
| कंगना रनौत |
![]() |
| सुरवीन चावला |
![]() |
| आयुषमान खुराना |
अभिनेता रनवीर सिंह ने भी स्वीकारा था कि वह भी एक बार कास्टिंग काउच के शिकार होते-होते बचे। ऐसा ही कुछ फिल्म विक्की डोनर से अपनी धाक जमा चुके अभिनेता आयुषमान खुराना के भी साथ हुआ। उन्हें भी एक डायरेक्टर ने सेक्सुअल फेवर के लिए अप्रोच किया, लेकिन उन्होंने कड़ाई से इसे खारिज कर दिया। तमाम अभिनेता और अभिनेत्री कास्टिंग काउच की सच्चाई को स्वीकार करते हैं, लेकिन उनका यह भी कहना है कि यह आप पर निर्भर करता है कि आप क्या करते हैं? उन्हीं लोगों का इस्तेमाल संभव है जो इसे होने देते हैं।
Friday, April 14, 2017
यहां सीटी सुनते ही भाग जाते हैं खुले में शौच करने वाले
एक और वज्रपात, नीरज भैया को लील गया कोरोना दिल के अंदर कुछ टूट सा गया है, ऐसा कुछ, जिसका जुड़...
-
एक और वज्रपात, नीरज भैया को लील गया कोरोना दिल के अंदर कुछ टूट सा गया है, ऐसा कुछ, जिसका जुड़...
-
(नागासाकी स्थित नागासाकी शांति पार्क जहां रविवार को परमाणु हमले की 75वीं बरसी पर लोग एकत्र हुए और एटमी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धाजं...
-
हर मुठभेड़ की तरह दिल्ली के जामिया नगर में हुई आतंकी मुठभेड़ को भी समुदाय विशेष के तथाकथित बुद्धिजीवी और इस वर्ग के रहनुमा मजहबी रंग देने से...









